Happy Women’s Day 2019 wishes, messages, quotes, Poems in Hindi: Women from being the suppressed section of the society have now outshined all men and have earned laurels for the nation in every aspect be it sports, medicine, science, or space. Women’s day is observed every year on March 8, where women from all section come together to celebrate and acknowledge the day dedicated fully o them.

Be it your mother, granddaughter, grandmother, friend, colleague, daughter, sister or girlfriend it is time to thank them for being in your life and making you who you are today! This women’s day appreciate them and wish them with these cute messages, poems and quotes:

Quotes

स्वयं को पहचान, तुझ में शक्ति अपार है;
स्वयं को नमन कर और आगे बढ़ चल;
ठोकर मार उसे जो तेरा सम्मान करना न जाने;
बढ़ चल, बढ़ चल, नई राहें तेरा रस्ता तके हैं;
तेरे आंचल में हैं अपार खुशियां, क्योंकि सिर्फ आज नहीं हर रोज़ तेरा दिन है।
महिला दिवस की शुभकामनायें!

मुस्कराकर, दर्द भुलाकर,
रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी,
हर पग को रोशन करने वाली,
वो शक्ति हैं एक नारी।
महिला दिवस की शुभकामनायें!

दुनिया की पहचान है औरत;
दुनिया पर एहसान है औरत;
हर घर की जान है औरत;
बेटी, माँ, बहन, भाभी बनकर,
घर-घर की शान है औरत;
ना समझो इसको तुम कमज़ोर कभी, ये है रिश्तों की डोर;
मर्यादा और सम्मान है औरत।
महिला दिवस की शुभकामनायें!

ऐ औरत तुझे क्या कहूँ तेरी हर बात निराली है;
तू एक ऐसा पौधा है जिस घर रहे, वहाँ हरियाली ही हरियाली है;
तेरी शान में सिर्फ इतना कह सकते हैं कि तेरी ऊंचाइयों के सामने आसमान भी नहीं रह सकता है;
मेरा सिर्फ इतना सा एक पैगाम है, ऐ औरत तुझे मेरा सिर झुका कर सलाम है।
सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनायें!

हे नारी तू सीता के मन में समाई;
तू राधा के मन में समाई;
साधू संत जिसे स्वर्ग कहते;
तू धरती पर वही मुक्ति है।
महिला दिवस मुबारक हो!

Poems

हे नारी तू सीता के मन में समाई;
तू राधा के मन में समाई;
साधू संत जिसे स्वर्ग कहते;
तू धरती पर वही मुक्ति है।
महिला दिवस मुबारक हो!

कौन कहता हैं

कौन कहता हैं की,
नारी कमज़ोर होती है।
आज भी उसके हाथ में,
अपने सारे घर को चलाने की डोर होती है।

वो तो दफ्तर भी जाती हैं,
और अपने घर परिवार को भी संभालती हैं।
एक बार नारी की ज़िंदगी जीके तो देखों,
अपने मर्द होने के घमंड यु उतर जायेंगा,
अब हौसला बन तू उस नारी का,
जिसने ज़ुल्म सहके भी तेरा साथ दिया।

तेरी ज़िम्मेदारियों का बोझ भी,
ख़ुशी से तेरे संग बाट लिया।
चाहती तो वो भी कह देती, मुझसे नहीं होता।
उसके ऐसे कहने पर,
फिर तू ही अपने बोझ के तले रोता।

क्योंकि नारी महान होती है।

मन ही मन में रोती फिर भी बाहर से हँसती है
बार-बार बिखरे बालों को सवारती है
शादी होते ही उसका सब कुछ पीछे छुट जाता है
सखी – सहेली,आजादी, मायका छुट जाता है
अपनी फटी हुई एड़ियों को साड़ी से ढँकती है
स्वयं से ज्यादा वो परिवार वालों का ख्याल रखती है
सब उस पर अपना अधिकार जमाते वो सबसे डरती है।

शादी होकर लड़की जब ससुराल में जाती है
भूलकर वो मायका घर अपना बसाती है
जब वो घर में आती है तब घर आँगन खुशियो से भर जाते हैं
सारे परिवार को खाना खिलाकर फिर खुद खाती है
जो नारी घर संभाले तो सबकी जिंदगी सम्भल जाती है
बिटिया शादी के बाद कितनी बदल जाती है।

आखिर नारी क्यों डर-डर के बोलती, गुलामी की आवाज में?
गुलामी में जागती हैं, गुलामी में सोती हैं
दहेज़ की वजह से हत्याएँ जिनकी होती हैं
जीना उसका चार दीवारो में उसी में वो मरती है।

जिस दिन सीख जायेगी वो हक़ की आवाज उठाना
उस दिन मिल जायेगा उसके सपनो का ठिकाना
खुद बदलो समाज बदलेगा वो दिन भी आएगा
जब पूरा ससुराल तुम्हारे साथ बैठकर खाना खायेगा
लेकिन आजादी का मतलब भी तुम भूल मत जाना
आजादी समानता है ना की शासन चलाना
रूढ़िवादी घर की नारी आज भी गुलाम है
दिन भर मशीन की तरह पड़ता उस पर काम है
दुःखों के पहाड़ से वो झरने की तरह झरती है
क्योंकि नारी महान होती है।

गर्व है मुझे मैं नारी हूँ

तोड़ के हर पिंजरा
जाने कब मैं उड़ जाऊँगी
चाहे लाख बिछा लो बंदिशे
फिर भी दूर आसमान मैं अपनी जगह बनाऊंगी मैं
हाँ गर्व है मुझे मैं नारी हूँ
भले ही परम्परावादी जंजीरों से बांधे है दुनिया के लोगों ने पैर मेरे
फिर भी उस जंजीरों को तोड़ जाऊँगी
मैं किसी से कम नहीं सारी दुनिया को दिखाऊंगी
हाँ गर्व है मुझे मैं नारी हूँ

Wishes and Images

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